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Vikas 1

विकास ( Development) विकास एक सार्वभौमिक (Universal) प्रक्रिया है , जो जन्म से लेकर जीवनपर्यन्त तक अविराम होता रहता है। विकास केवल शारीरिक वृद्धि की ओर ही संकेत नहीं  करता बल्कि इसके अंतर्गत वे सभी शारीरिक , मानसिक , सामाजिक और संवेगात्मक परिवर्तन सम्मिलित रहते हैं जो गर्भकाल से लेकर मृत्युपर्यन्त तक निरंतर प्राणी में  प्रकट होते रहते हैं। विकास को ‘ क्रमिक परिवर्तनों की श्रृंखला’ भी कहा जाता है। इसके परिणामस्वरूप  व्यक्ति में नवीन विशेषताओं का उदय होता है तथा पुरानी विशेषताओं की समाप्ति  हो जाती है। प्रौढ़ावस्था में पहुँचकर मनुष्य स्वयं को जिन गुणों से संपन्न पाता है।  वे विकास की प्रक्रिया के ही परिणाम होते हैं। हरलॉक (Hurlock) के अनुसार , “ विकास केवल अभिवृद्धि तक ही सीमित नहीं है। वरन् वह ' व्यवस्थित तथा ‘ समनुगत ’ (Coherent Pattern) परिवर्तन है , जिसमें कि प्रौढ़ावस्था के लक्ष्य की ओर परिवर्तनों का प्रगतिशील क्रम निहित रहता है ,...